मंगलवार, 2 अगस्त 2016

🚩🔱 ❄ «ॐ»«ॐ»«ॐ» ❄ 🔱🚩

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  🌹🌟 राधे नाम संग हरि बोल 🌟🌹
 ※❖ॐ∥▩∥श्री∥ஜ ۩۞۩ ஜ∥श्री∥▩∥ॐ❖※

 🌹🔱🔅श्रीमद्भगवद्गीता🔅🔱🌹

🌹गीता में श्रीकृष्ण भगवान के नामों के अर्थ :

अनन्तरूपः जिनके अनन्त रूप हैं वह |
अच्युतः जिनका कभी क्षय नहीं होता, कभी अधोगति नहीं होती वह |
अरिसूदनः प्रयत्न के बिना ही शत्रु का नाश करने वाले |
कृष्णः 'कृष्' सत्तावाचक है | 'ण' आनन्दवाचक है | इन दोनों के एकत्व का सूचक परब्रह्म भी कृष्ण कहलाता है |
केशवः क माने ब्रह्म को और ईश – शिव को वश में रखने वाले |
केशिनिषूदनः घोड़े का आकार वाले केशि नामक दैत्य का नाश करने वाले |
कमलपत्राक्षः कमल के पत्ते जैसी सुन्दर विशाल आँखों वाले |
गोविन्दः गो माने वेदान्त वाक्यों के द्वारा जो जाने जा सकते हैं |
जगत्पतिः जगत के पति |
जगन्निवासः जिनमें जगत का निवास है अथवा जो जगत में सर्वत्र बसे हुए है |
जनार्दनः दुष्ट जनों को, भक्तों के शत्रुओं को पीड़ित करने वाले |
देवदेवः देवताओं के पूज्य |
देववरः देवताओं में श्रेष्ठ |
पुरुषोत्तमः क्षर और अक्षर दोनों पुरुषों से उत्तम अथवा शरीररूपी पुरों में रहने वाले पुरुषों यानी जीवों से जो अति उत्तम, परे और विलक्षण हैं वह |
भगवानः ऐश्वर्य, धर्म, यश, लक्ष्मी, वैराग्य और मोक्ष... ये छः पदार्थ देने वाले अथवा सर्व भूतों की उत्पत्ति, प्रलय, जन्म, मरण तथा विद्या और अविद्या को जानने वाले |
भूतभावनः सर्वभूतों को उत्पन्न करने वाले |
भूतेशः भूतों के ईश्वर, पति |
मधुसूदनः मधु नामक दैत्य को मारने वाले |
महाबाहूः निग्रह और अनुग्रह करने में जिनके हाथ समर्थ हैं वह |
माधवः माया के, लक्ष्मी के पति |
यादवः यदुकुल में जन्मे हुए |
योगवित्तमः योग जानने वालों में श्रेष्ठ |
वासुदेवः वासुदेव के पुत्र |
वार्ष्णेयः वृष्णि के ईश, स्वामी |
हरिः संसाररूपी दुःख हरने वाले |

🌹अर्जुन के नामों के अर्थ :

अनघः पापरहित, निष्पाप |
कपिध्वजः जिसके ध्वज पर कपि माने हनुमान जी हैं वह |
कुरुश्रेष्ठः कुरुकुल में उत्पन्न होने वालों में श्रेष्ठ |
कुरुनन्दनः कुरुवंश के राजा के पुत्र |
कुरुप्रवीरः कुरुकुल में जन्मे हुए पुरुषों में विशेष तेजस्वी |
कौन्तेयः कुंती का पुत्र |
गुडाकेशः निद्रा को जीतने वाला, निद्रा का स्वामी अथवा गुडाक माने शिव जिसके स्वामी हैं वह |
धनंजयः दिग्विजय में सर्व राजाओं को जीतने वाला |
धनुर्धरः धनुष को धारण करने वाला |
परंतपः परम तपस्वी अथवा शत्रुओं को बहुत तपाने वाला |
पार्थः पृथा माने कुंती का पुत्र |
पुरुषव्याघ्रः पुरुषों में व्याघ्र जैसा |
पुरुषर्षभः पुरुषों में ऋषभ माने श्रेष्ठ |
पाण्डवः पाण्डु का पुत्र |
भरतश्रेष्ठः भरत के वंशजों में श्रेष्ठ |
भरतसत्तमः भरतवंशियों में श्रेष्ठ |
भरतर्षभः भरतवंशियों में श्रेष्ठ |
भारतः भा माने ब्रह्मविद्या में अति प्रेमवाला अथवा भरत का वंशज |
महाबाहुः बड़े हाथों वाला |
सव्यसाचिन् बायें हाथ से भी सरसन्धान करने वाला |

( शेष आगे के ब्लाग में )

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 🌹۞☀∥ राधेकृष्ण: शरणम् ∥☀۞🌹
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